जालिमो को लिखता हूं क़ातिल


 जालिमो को लिखता हूं क़ातिल

तो इल्जाम बगावत का है सर पर,

अगर लाशों के मंजर देख कर चुप रहूंगा..

तो मेरी ग़ैरत मर जाएगी..😥






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